Blog ka Bounce Rate kaise kam karen

Blog ka Bounce Rate kaise kam karen.

Blog ka Bounce Rate kaise kam karen



Blog ka Bounce Rate kaise kam karen.

हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब लोग आपका हमारे ब्लॉग पर तहे दिल से स्वागत है आज की इस पोस्ट की सहायता से हम आप लोगों को ब्लाग का बाउंस रेट कैसे कम कर सकते हैं इसके बारे में बताने वाले हैं। क्या आप लोग जानते हैं बांस रेट क्या होता है और वेबसाइट का बाउंस रेट कैसे कम करें। बांस रेट के बढ़ने का कारण क्या होता है। और अपने ब्लॉग का बाउंस रेट कैसे कम किया जा सकता है। और अपने blog का बांस रेट कैसे चेक कर सकते हैं।

बस इसके लिए आपको हमारी पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक ध्यान पूर्वक फॉलो कर लेना है अगर आप हमारी इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक ध्यान पूर्वक फॉलो करते हैं तो हमें इस बात का भरोसा दिलाते हैं। आप कुछ ही समय के अंदर अपनी वेबसाइट का बाउंस रेट कम कर सकेंगे और अपनी वेबसाइट का बांस रेट चेक कर सकते हैं। तो बिना समय गवाएं आगे बढ़ते हैं ताकि आपका ज्यादा समय बर्बाद ना हो और आप कम समय के अंदर ही हमारी पोस्ट को समझ सके। 

हम यहां पर आपको जो भी जानकारी बताएंगे वह बहुत ही विस्तार से और ध्यान पूर्वक बताएं ताकि आपको हमारी इस पोस्ट को समझने में कोई भी परेशानी ना हो।

Blog ka Bounce Rate kaise kam karen.


अगर आप ही ब्लॉगर हैं और आपकी कोई भी एक वेबसाइट है और आप अपनी वेबसाइट के मालिक हैं तो आपके लिए यह जाना बेहद ही जरूरी है। कि आप जो अपनी वेबसाइट पर मेहनत कर रहे हैं वह सही दिशा में हो रही है या नहीं हो रही है तो इसके लिए एक बार अपने blog का बाउंस रेट जरूर चेक करना चाहिए। जब आप अपने ब्लॉग के बाउंस रेट को चेक करते हैं और आपका बाउंस रेट ज्यादा होता है। तो आपको उसे सुधारना चाहिए क्योंकि ब्लॉग ट्रैफिक को समझने के लिए बाउंस रेट के बारे में जानना काफी ज्यादा जरूरी है।

वेबसाइट के बाउंस रेट को कैसे कम करें जब किसी वेबसाइट का बाउंस रेट अधिक हो जाता है तो सर्च इंजन को यह संकेत मिल जाता है कि यह वेबसाइट अच्छी नहीं है। और यह कंटेंट भी अच्छा नहीं है इसलिए बाउंस रेट को मैनेज करना काफी ज्यादा जरूरी होता है तो आईए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
 

Bounce Rate kya hai.


बाउंस रेट का सीधा सा मतलब यह होता है आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर विजिटर आते है और तुरंत ही वापस चले जाते हैं बिना किसी दूसरे पेज को ओपन किए। या आपके आर्टिकल को बिना पढ़े चले जाते हैं।

हम आपको उदाहरण की सहायता से समझाते हैं अगर आपका एक वेबसाइट है जिसका बाउंस रेट कम से कम 65 प्रतिशत होता है तो इसका मतलब उस वेबसाइट में 65% विजिटर ऐसे आते हैं। जो कि एक पेज ओपन करने के बाद तुरंत ही वापस चले जाते हैं। तो उस वेबसाइट के विजिटर की संख्या के औसत माप को बाउंस रेट कहा जाता है।
 

Bounce Rate ko Check chek kaise karen.


हर एक ब्लॉगर के लिए यह जानना जरूरी होता है कि वह अपनी साइड का बाउंस रेट कैसे चेक कर सकता है। वेबसाइट के बांस रेट को चेक करने के लिए हम गूगल असिस्टेंट का भी प्रयोग कर सकते हैं। इसकी सहायता से हमें लास्ट 90 देश तक यह डाटा देखने के लिए मिल जाता है साथ ही यहां पर सीजन या एवरेज टाइम स्पेंड भी चेक करने का मौका मिल जाता है। कि आने वाले यूज़र हमारी सा हमारी वेबसाइट पर कितना टाइम स्पेंड कर रहे है।


लेकिन अगर आप किसी दूसरे व्यक्ति के वेबसाइट के बाउंस रेट को चेक करना चाहते हैं तो आप गूगल में बाउंस रेट चेकर सर्च कर सकते हैं। आपको बहुत सारे टूल वहां पर मिल जाएंगे आपको सभी वेबसाइट का बाउंस रेट चेक करने के लिए उन टूल्स में से कोई भी एक सेलेक्ट कर लेना है। जिसकी सहायता से आप किसी भी वेबसाइट का बाउंस रेट चेक कर सकते हैं।
 
Blog ka Bounce Rate kaise kam karen.

वैसे माना जाता है कि बांस रेट पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं होता है क्योंकि हमारी वेबसाइट पर लोग आकर कितनी पोस्ट में पड़े हैं यह हमारे हाथ में नहीं होता है। यह हमारी वेबसाइट पर निर्भर करता है। क्योंकि आखिर वेबसाइट पर लिखते हैं तो हम ही और हमारे लिए यह जरूरी होता है कि हमें अपने ऑडियंस को अपने कंटेंट के साथ कैसे जोड़ कर रखना है।

1) Quality Content

सबसे पहली बात हम आपको बताना चाहेंगे आपको अपने कंटेंट को शानदार बनाना होगा अगर आपका कंटेंट शानदार होता है। तो आप लोग अपने यूजर के साथ जुड़ कर रहेंगे और इस तरह से आपके बाउंस रेट में काफी कमी आएगी।

2) Internal Linking 

अपनी वेबसाइट का बांस रेट कम करने के लिए आपको अपनी वेबसाइट में अन्य पोस्टों का लिंक अपनी पोस्ट में लगाना होगा इससे लोग आसानी से आपकी दूसरी पोस्ट पढ़ सकते हैं और आपका बांस रेट कम हो जाता है।

3) इसके साथ ही आपको हाई क्वालिटी की बैकलिंक्स का भी प्रयोग करना चाहिए।

4) और जब आप अपनी पोस्ट को लिखते हैं तो आपको अपनी पोस्ट में इंटरेस्ट है मटेरियल का भी प्रयोग करना चाहिए इससे आपके बाउंस रेट में काफी ज्यादा फर्क पड़ेगा। लेकिन याद रहे अपनी पोस्ट को अच्छा बनाना और रुचिकर बनाना दोनों ही अलग-अलग चीजें होती हैं जरूरी नहीं होता है कि कंटेंट अच्छा हो और इनफॉर्मेटिव हो वह इंटरेस्टिंग भी होना चाहिए। अपने कंटेंट से संबंधित आपको वीडियो अपलोड करनी चाहिए अपने कंटेंट को इंटरेस्ट बनाने के लिए आप इसमें इंटरेस्टिंग फैक्ट का भी प्रयोग कर सकते हैं।

5) यहां पर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको अपने लोडिंग पेज स्पीड पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा आप अपनी साइड की लोडिंग स्पीड जितनी अच्छी रखेंगे आपका बाउंस रेट उतना ही कम रहेगा। और ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक जबरदस्ती से लेकर ना आए गलत की बोर्ड का भी प्रयोग ना करें इससे आपकी वेबसाइट बैंक नहीं करेगी।

अंतिम शब्द :-

उम्मीद करते हैं आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी आज की सहायता से हमने आप लोगों को बताया है कि आप अपनी वेबसाइट का बाउंस रेट कैसे चेक कर सकते हैं। और अपनी वेबसाइट के बाउंस रेट को कैसे कम कर सकते हैं तथा इसके साथ-साथ हम ने आपको यह भी पता है कि बाउंस रेट क्या होता है। अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आती है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं।

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